प्रबंधन क्या है? -What is Management in Hindi?

प्रबंधन क्या है? -What is Management in Hindi?

 प्रबंधन क्या है? -What is Management in Hindi?


Management का अर्थ है - उपलब्ध संसाधनों का Efficiently तथा Effective तरीके से उपयोग करते हुए लोगों के कार्यों में Coordination करना ताकि लक्ष्यों की प्राप्ति को सुनिश्चित की जा सके। 

प्रबन्धन के अन्तर्गत आयोजन (planning), संगठन-निर्माण (organizing), स्टाफिंग (staffing), का नेतृत्व करना (leading या directing), तथा संगठन अथवा पहल का नियंत्रण करना आदि आते हैं। 

संगठन भले ही बड़ा हो या छोटा, लाभ के लिए हो अथवा गैर-लाभ वाला, सेवा प्रदान करता हो अथवा manufacturer, प्रबंध सभी के लिए आवश्यक है। प्रबंध इसलिए आवश्यक है कि व्यक्ति सामूहिक उद्देश्यों की पूर्ति में अपना श्रेष्ठतम योगदान दे सकें। प्रबंध में पारस्परिक रूप से संबंधित वह कार्य सम्मिलित हैं


Theoretical उद्देश्यों के लिए प्रबंधन के कार्य को अलग करना सुविधाजनक हो सकता है लेकिन व्यावहारिक रूप से ये फ़ंक्शन एक दूसरे में Mixed होते हैं और प्रत्येक काम अन्य के  काम का प्रदर्शन को प्रभावित करता है।

प्रबंध उद्देश्य।

जैसा की हमने ऊपर में बताया है की किसी भी संगठन के कुछ मुख्य उद्देश्य होते हैं जिनके कारण उसका अस्तित्व है। 

यह उद्देश्य सरल एवं स्पष्ट होने चाहिएँ। प्रत्येक संगठन के उद्देश्य भिन्न होते हैं। उदाहरण के लिए एक फुटकर दुकान का उद्देश्य बिक्री बढ़ाना हो सकता है लेकिन ‘Society of India’ का उद्देश्य विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा प्रदान करना है।
 प्रबंध संगठन के विभिन्न लोगों के प्रयत्नों और उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रबंध सबको एक सूत्र में बाँधता है।

प्रबंध सर्वव्यापी है- Management is universal. 

 संगठन चाहे आर्थिक हो या सामाजिक या फिर राजनैतिक, प्रबंध की क्रियाएँ सभी में समान हैं। एक पेट्रोल पंप के प्रबंध की भी उतनी ही आवश्यकता है जितनी की एक अस्पताल अथवा एक विद्यालय की है। 

भारत में प्रबंधकों का जो कार्य है वह यू- एस- ए-, जर्मनी अथवा जापान में भी होगा भले ही उनके करने तरीका अलग होगा। यह भिन्नता भी उनकी संस्कृति, रीति-रिवाज एवं इतिहास की अंतर के कारण हो सकती है।


प्रबंध एक सामूहिक क्रिया है- Management is a collective action.

संगठन भिन्न-भिन्न आवश्यकता वाले अलग- अलग प्रकार के लोगों का समूह होता है। समूह का प्रत्येक व्यक्ति संगठन में किसी न किसी अलग उद्देश्य को लेकर सम्मिलित होता है लेकिन संगठन के सदस्य के रूप में वह संगठन के समान उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कार्य करते हैं।

 इसके लिए एक टीम के रूप में कार्य करना होता है एवं व्यक्तिगत प्रयत्नों में समान दिशा में समन्वय की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही आवश्यकताओं एवं अवसरों में परिवर्तन के अनुसार प्रबंध सदस्यों को बढ़ने एवं उनके विकास को संभव बनाता है। 


प्रबंध कुछ उद्देश्यों को पूरा करने के लिए कार्य करता है। उद्देश्य किसी भी क्रिया के अपेक्षित परिणाम होते हैं। इन्हें व्यवसाय के मूल प्रयोजन से प्राप्त किया जाना चाहिए।

 किसी भी संगठन के भिन्न-भिन्न उद्देश्य होते हैं तथा प्रबंध को इन सभी उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से एवं दक्षता से पाना होता है। उद्देश्यों को संगठनात्मक उद्देश्य, सामाजिक उद्देश्य एवं व्यक्तिगत उद्देश्यों में वर्गीकृत किया जा सकता है।

संगठनात्मक उद्देश्य-Organizational objectives

प्रबंध किसी भी संगठन उद्देश्यों के निर्धारण एवं उनको पूरा करने के लिए उत्तरदायी होता है। इसे सभी क्षेत्रें के अनेक प्रकार के उद्देश्यों को प्राप्त करना होता है तथा सभी हितार्थियों जैसे-अंशधारी, कर्मचारी, ग्राहक, सरकार आदि के हितों को ध्यान में रखना होता है। 

किसी भी संगठन का मुख्य उद्देश्य मानव एवं भौतिक संसाधनों के अधिकतम संभव लाभ के लिए उपयोग होना चाहिए। जिसका तात्पर्य है व्यवसाय के आर्थिक उद्देश्यों को पूरा करना। ये उद्देश्य हैं- अपने आपको जीवित रखना, लाभ अर्जित करना एवं बढ़ोतरी करना ।




प्रबंधन के लाभ-Management benefits


व्यवसाय के लिए इसका बने रहना ही पर्याप्त नहीं है। प्रबंध को यह सुनिश्चित करना होता है कि संगठन लाभ कमाए। लाभ उद्यम के निरंतर सफल परिचालन के लिए एक महत्त्वपूर्ण प्रोत्साहन का कार्य करता है। लाभ व्यवसाय की लागत एवं जोखिमों को पूरा करने के लिए आवश्यक होता है।




व्यक्तिगत उद्देश्य-Personal purpose



संगठन उन लोगों से मिलकर बनता है जिनसे उनका व्यक्तित्व, पृष्ठभूमि, अनुभव एवं उद्देश्य अलग-अलग होते हैं। ये सभी अपनी विविध आवश्यकताओं को संतुष्टि हेतु संगठन का अंग बनते हैं।

 यह प्रतियोगी वेतन एवं अन्य लाभ जैसी वित्तीय आवश्यकताओं से लेकर साथियों द्वारा मान्यता जैसी सामाजिक आवश्यकताओं एवं व्यक्तिगत बढ़ोतरी एवं विकास जैसी उच्च स्तरीय आवश्यकताओं के रूप में अलग-अलग होती हैं। प्रबंध को संगठन में तालमेल के लिए व्यक्तिगत उद्देश्यों का संगठनात्मक उद्देश्यों के साथ मिलाकर करना होता है।


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