how to start a business ।व्यापार कैसे शुरू करें

February 29, 2020

how to start a business ।व्यापार कैसे शुरू करें

how to start a business-[Hindi] | Step by Step Guide to Starting a Business in Hindi। व्यापार कैसे शुरू करें।
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Business-कारोबार शुरू करना चाहते है या सुरु कर दिए है तो आपको ? यहां कुछ  महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए हैं जो आपके कारोबार को सफल बनाने में आपकी बहुत मदद करेंगे। 
ये ब्लॉग अनुभव पर आधारित है कृपया ध्यान से  पूरा  पढ़िए ये आपके बहुत काम आने वाला है। 

सबसे पहले अपने आप से पूछिए की हमको बिजनेस कारोबार या कोई दुकान शुरू करने के लिए क्या करने की आवश्यकता है? अधिकतर लोग क्या करते है? दुसरो से पूछने लगते है या गूगल पे सर्च करने लगते है कोई कुछ सजेस्ट करता है कोई कुछ। तो ऐसा ज्यादा करने से बचिए। 

दोस्तों आप कुछ भी कर के बिजनेस सुरु कर लो मगर आप सफल नहीं होंगे क्यों की आप बिजनेस क्यों की आपको लगता है की बिजनेस एक बिचार है एक अच्छा बिजनेस बिचारो से नहीं चलता है बिजनेस वहलता है है knowledge, strategy, method etc .से । तो आइये जानते है कुछ ऐसे ही सुझाव। .
  • सबसे पहले आप अपने वास्तविक प्रेरक स्तर को जानें आप कितना पैसा को जोखिम में डाल सकते हैं, और आप सफल होने क्या -क्या करने और सहने को तैयार हैं। दोस्तों हम सभी करोड़पति बनाना छह रहे हैं। लेकिन उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हम सब रोजना क्या कर रहे है। 

आप सप्ताह में कितने घंटे निरंतर काम कर सकेंगे? आप अपने कम्फर्ट जोन से बहार निकलने को तैयार हैं? क्या आप अपना गिर्ल्फ़्रिनेड से दुरी बना सकेंगे फोन पे रियल में। 

सफल होने के लिए अपनी Business plans को और अपने Personal plan और Family goals और अपने संसाधनों को को देखे और फिर तय करे की हमारे लिए बिजनेस है या नहीं। 
अगर आप ऐसा नहीं करते है तो क्या होगा , सबसे पहले आपकी गिर्ल्फ्रैंड छोड़ देगी ,आपका family खुश नहीं रहेगी ,आप पैसा बिजनेस में लगाकर बर्बाद कर दोगे।

आप अपने कम्फर्ट को छोड़ कर खुश नहीं रह पाओगे,अगर आपका पैसा दुब गया तो आपको सदमा लग जायगा इसलिए ( Business plans,Personal comfort ,Family goals, Money risk, ये सब का ध्यान रखिये किसी भी बिजनेस को स्टार्ट करने से पहले।

  • आप अपने लिए सही व्यवसाय का चुनाव कीजिये चाहे उसमे थोड़ा टाइम ज्यादा लगाइये । आप सुनिश्चित करें कि वास्तव में बाजार को कौन सा सामान की अभी जरुरत है जो आप बेच सकते है । स्टार्टअप की सबसे बड़ी गलतिया ये होती है कि बहुत से लोग किसी एक उत्पाद या सेवा को बेचने लग जाते  है जिससे सेल और demand काम हो जाता है। 

और जो बाजार को चाहिए होता है वो मिलता नहीं है। क्यों की अधिकतर व्यवसाय मालिक लोगो के एक दूसरे के बिचार पे बिजनेस बना लेते है। आप अगर बाजार के हिसाब से ब्योपार करते है तो आप अपने नुकसान और अपने जोखिम को कम कर सकते है। 


आप अपने विचार पे नहीं बाजार पर शोध करें। वास्तविक संभावित संभावनाओं पर बात करें (Business is not about a story) यह पता लगाने के लिए कि क्या आप बेचना चाहते हैं और क्या मार्किट को और लोगो की क्या  जरुरत है , कुछ ऐसा है जिसे वे खरीदने में रुचि रखते हैं, तो आप उस चीज को  बेचना  सुरु कर सकते है।


  • आप अपने Competitors पर शोध करें और ध्यान दें की  वो किस quality का सामान बेच रहे है और कैसे बेच रहे है।और आप अपने Competitors को कैसे challenge कर सकते है। 

कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस प्रकार का व्यवसाय शुरू कर रहे हैं या चला रहे हैं, आपके पास प्रतिस्पर्धी होंगे ही होंगे।आपको इनसे बेहतर बनाना पड़ेगा। सफल होने के लिए, Competitive research एक ऐसी चीज है जिसे आपको निरंतर आधार पर प्रयाश करने चाहिए और अपने बिजनेस में इम्प्लीमेंट करनी चाहिए।


  • ऑपरेशनल नीड्स को जानें। मतलब किसी बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए क्या-क्या चीजों की जरुरत पड़ेगी। बहुत से लोग बिजनेस चालू कर देते है सिर्फ ये सोचकर की हमको ये सामान बेचना है बस । 
वो अक्सर विचार नहीं करते हैं कि व्यवसाय वास्तव में कैसे संचालित होगा। उदाहरण के लिए, यदि आप आइटम बेच रहे हैं, तो उन्हें कैसे deliver किया जाएगा? 

ग्राहक को सहायता की कितनी आवश्यकता होगी आप भले ही एक छोटा व्यक्तिगत सेवा या व्यवसाय शुरू कर रहे हों ये सब ऐसे मुद्दे हैं जिन पर आपको विचार करना चाहिए और योजना (plan ) बनानी चाहिए।

  • Business करने में जल्दीबाजी न करे व्यवसाय के हर अंतिम विवरण की जांच करके और पूरी तरह से यह सुनिश्चित करें कि यह सब काम करने वाला है या नहीं और लाभदायक होगा या नहीं । हां, आपको बाजार पर शोध करने की आवश्यकता है और आपको एक सुव्यवस्थित योजना बनाने के बाद ही सुरु करने की जरुरत है।
  • बहुत बड़े पैमाने पे बिजनेस खड़ा करने से पहले एक छोटे पैमाने पर शुरू करें। कुछ लोगों का मानना है की रिक्स तो बिजनेस में होता ही है तो इसका मतलब ये बिलकुल भी नहीं की आंखों पर पट्टी बांधकर चलेंगे आपको इसके बजाय Controlled जोखिम उठाने चाहिए । पहले छोटे पैमाने पर एक परीक्षण कीजिये फिर आप बड़ा रिक्स ले सकते है।
  • गलतियों को सिर्फ ठीक न करें बल्कि उनसे सीखे। सफल लोगों और बाकी सभी के बीच अंतर यह है कि सफल लोग अपनी गलतियों से सीखते हैं और आगे बढ़ते हैं। वही बाकि लोग असफलता पर ध्यान केंद्रित नहीं करते हैं और अर्थव्यवस्था को दोष देते हैं और अपनी बुरी किस्मत को अभिशाप देते हैं या अपने भाग्य के लिए अन्य लोगों को दोष देते रहते हैं।
  • दूसरों से सीखें। Mentors का पता लगाइये समान विचारधारा वाले लोगों के साथ समूह में शामिल होइए और अपने बिजनेस के बारे में सब कुछ सीखिए । उद्योग सम्मेलनों में भाग लीजिये। अगर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में भाग ले सके तो लीजिये। विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत पाठ्यक्रम खरीदें। आप पहले से वहां मौजूद लोगों से सीखकर बहुत अधिक परीक्षण कीजिये।
  • एक व्यवसाय के रूप में आप क्या सोचते हैं। आप अपने Incomeऔर expenditure पर नज़र रखें, व्यवसाय के पैसे को व्यक्तिगत खर्चो से अलग रखिये ,पता कीजिये कि आपके व्यवसाय को किन नियमों का पालन करने की आवश्यकता है।
  • आपको अपना निजी काम करने के तरीके और चल रहे व्यवसाय के निर्माण के बीच के अंतर को समझना होगा । यदि आप एक व्यवसाय का निर्माण करना चाहते हैं, तो आपको systematic और तरीके से सभी काम करने की आवश्यकता होगी। आपको योजना बनाते समय व्यवसाय के सरे नियम को ध्यान में रखना होगा।
  • आप अपने बिजनेस में डिजिटल मार्केटिंग का यूज़ सकते है । यहां तक कि अगर आप एक स्थानीय व्यवसाय चला रहे हैं, तो आपको एक व्यापक डिजिटल उपस्थिति की आवश्यकता है। 
कम से कम आपको एक Professional दिखने वाली वेबसाइट, एक Email list की आवश्यकता होगी जो आपको नियमित आधार पर ग्राहकों और संभावनाओं के साथ संवाद करने की सुविधा देती है, और सोशल मीडिया चैनलों पर मौजूदगी जो आपके ग्राहकों को बार-बार आती हैं।

आपकी ईमेल सूची में भेजी गई व्यावहारिक जानकारी ग्राहकों और संभावनाओं को आपसे खरीदने या फिर से खरीदारी करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।

  • कभी भी नई चीजों को सीखना और आजमाना बंद न करें।। नई चीजों के लिए अपनी आंखें और कान खुले रखें। क्या आपके उत्पादों और सेवाओं के Marketing के लिए नए या बेहतर तरीके हैं? क्या ग्राहक कुछ ऐसा मांग रहे हैं जो आप नहीं दे रहे हैं? क्या एक अलग प्रकार का ग्राहक है जिसे आपको लक्षित किया जाना चाहिए? अपने उद्योग के बारे में सब कुछ पढ़कर और अपने ग्राहकों को सुनकर उत्तर प्राप्त करें।

दोस्तों ये था मेरा आज का ब्लॉग। अगर आप कोई बिजनेस करना चाहते है तो जरूर कीजिए हमारी सुभकामनाएँ  और सुझाव आपके साथ है।  दोस्तों ऐसे ही business related ब्लॉग लाते रहता हूँ आप सबके लिए इसलिए हमारा ब्लॉग का subscribe कर लीजिये और कोई सुझव हो हमारे लिए तो कमेंट में जरूर लिखिए





जिम्मेदारी की शक्ति। Power of responsibility.

जिम्मेदारी की शक्ति। Power of responsibility.

जिम्मेदारी की शक्ति। Power of responsibility.

Mere pyare दोस्तों आज का मेरा बिषय है “जिम्मेदारी की शक्ति” dear friends समय और दिमाग सबको एक सामान मिलने के वजाय भी कुछ ही लोग रतन टाटा, धीरू, भाई अम्बानी,  जिंदल जैसे लोग ही क्यों बन पाए Successful सोचने वाली बात है क्यों की कुछ ही लोग ही समझ पाए समय की Value और जिमेदारी की शक्ति को।


और आज भी अधिकतर लोग time की Value को नहीं समझते है। और जिम्मेदारी खुद से तो लेते नहीं है अगर कोई देता भी है तो लेने से  कतराते  है  शायद उनको ये बात पता नहीं है की जिम्मेदारी सबको सबकुछ सीखा देती है।     

अधिकतर लोग समय को value को  नहीं जानते है और वो खर्च कर देते है वही दूसरी तरफ रतन टाटा जैसे सफल लोग समय को इन्वेस्ट करते है और समय की respect करते है क्यों की वो वैल्यू को अच्छे तरह से समझते है और जिम्मेदारी लेने के लिए हमेशा आगे रहते है। 

दोस्तों हम सबको ये समझना पड़ेगा की "जिम्मेदारी ही एक ऐसी चीज है जो  की कभी दी नहीं जाती केवल ली जाती है"। चलिए एक छोटा सा स्टोरी से समझते है।
                    
जिम्मेदारी की शक्ति। Power of responsibility.
                     

  • माता बैष्णो देवी मंदिर के सीढ़ियों पर एक साधु बाबा और एक 13 साल की लड़की चढ़ रही थी। लड़की एक 1 साल के एक बच्चा को पीठ पे ले कर चढ़ रही थी और दूसरी तरफ साधु बाबा एक बड़ा सा पोटली लटकाये हुये सीढिया चढ़ रहे थे। 

जिम्मेदारी की शक्ति। Power of responsibility.


दोनों सीढिया चढते चढ़ते काफी थक गए थे और हाफ भी रहे थे तभी साधु बाबा ने लड़की से बोले की बेटी तुम बहुत थक गई होगी तुमने बहुत बड़ा बोझ अपने पीठ पे उठा राखी हो तभी लड़की ने बाबा से तुरंत बोली बाबा बोझ तो आप ने उठा रखा है ये तो मेरा भाई है। 

दोस्तों इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की अगर जिम्मदारी लेने की नजरिया अगर हमारी काम से बड़ी है तो हम कभी हार नहीं सकते चाहे काम कितनी ही बड़ी क्यों न हो। 

आप यह भी देखें :  धन के 20 सिद्धांत पढ़िए।

फ्रैंडस हम सबको  कभी नहीं भूलना चाहिए की  "जिम्मेदारी ही एक ऐसी चीज है की कभी दी नहीं जाती केवल ली जाती है। .... जिम्मेदारी ही एक ऐसी चीज है की कभी दी नहीं जाती केवल ली जाती है"



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प्रबंधन के कार्य क्या है? ।what is Management function in Hindi?

February 28, 2020
प्रबंधन के कार्य क्या है? । what is Management function in Hindi?


प्रबंधन के कार्य क्या है? । what is Management function in Hindi?
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Management-प्रबंधन के 4 चार प्रमुख function है इस function को अलग करना सुविधाजनक हो सकता है लेकिन ये function एक दूसरे में मिश्रित होते हैं और प्रत्येक अन्य के प्रदर्शन को प्रभावित करता है।
  1. Planning - योजना 
  2. Organizing - आयोजन 
  3. Directing/ delegating- निर्देशन / प्रतिनिधि करना/Staffing - स्टाफिंग  
  4. Controlling - को नियंत्रित करना


Planning – योजना।

Planning यह प्रबंधन का प्रमुख कार्य है। योजना पहले से यह तय करता है की - क्या करना है, कब करना है और कैसे करना है। यह दर्शाता है की हमारा उद्देश्य कहा पहुंचने का है।

एक योजना भविष्य की कार्रवाई है। यह समस्या को हल करने और निर्णय लेने में एक अभ्यास की तरह है।

Planning लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पहले से निर्धारित तरीका और साधन और साधनों के बारे में एक व्यवस्थित सोच है। 

मानव और गैर-मानव संसाधनों के Properउपयोग को सुनिश्चित करने के लिए योजना आवश्यक है। यह सब Comprehensive है, यह एक Intellectual गतिविधि है और यह भ्रम, अनिश्चितताओं के जोखिम से बचने आदि में भी हमारी मदद करता है।

Organizing - आयोजन। 

(Organizing) आयोजन यह किसी भी Organization के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए Physical, Financialऔर Human resources को एक साथ लाने और उनके बीच Production relationship Developed करने का एक process है।

हेनरी फेयोल के अनुसार। " एक व्यवसाय को systematic करने के लिए और अपने कामकाज में उपयोग की जाने वाली सभी चीज़ों के साथ करना Organize करना होता है अर्थात् material, equipment, Capital and manpower”। 

एक व्यवसाय को व्यवस्थित करने के लिए Organizational Structure बनाना होता है । एक प्रक्रिया के रूप में कुछ आयोजन यहाँ दिए गए है :


  • गतिविधियों की पहचान -Identification activities
  • गतिविधियों के समूहीकरण का वर्गीकरण -Classification of activities grouping
  • कर्तव्यों का निरूपण-Formulation of duties
  • अधिकार का प्रत्यायोजन और उत्तरदायित्व का निर्माण-Delegation of authority and creation of responsibility
  • संबंधों में अधिकार और जिम्मेदारी को संतुलित करना-Balancing rights and responsibilities in relationships
Directing-निर्देशन।

यह (Managerial) प्रबंधकीय कार्य का वह हिस्सा है जो "संगठनात्मक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए" "कुशलतापूर्वक कार्य करने के लिए" संगठनात्मक तरीकों को Active करता है। 

यह enterprise की जीवन चिंगारी माना जाता है जो लोगों की action को गति देता है क्योंकि Planning, organizing सिर्फ कर्मचारी को काम करने के लिए तैयार करते है।

Directing के बिना कर्मचारी नहीं कर सकते काम। Directing संगठनात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सही मार्गदर्शन देने , पर्यवेक्षण करने के लिए होते है। Directing में निम्नलिखित तत्व हैं:

  • पर्यवेक्षण -Supervision
  • प्रेरणा-Inspiration
  • नेतृत्व-Leadership
  • संचार-Communications

(Supervision) पर्यवेक्षण का तात्पर्य है कि वे अपने वरिष्ठों द्वारा दिए गए Subordinates के काम की देखरेख करते हैं। यह काम और workers को देखने और Directed करने का कार्य है।

(Inspiration) अभिप्रेरण का अर्थ है प्रेरणा को प्रेरित करना या सकारात्मक नकारात्मक कार्य करने के लिए उत्साह के साथ Subordinates को प्रोत्साहित करना, इस उद्देश्य के लिए आर्थिक या Non topical प्रोत्साहन का उपयोग भी किया जा सकता है।

(Leadership) नेतृत्व को एक process के रूप में Defined किया जा सकता है जिसके द्वारा प्रबंधक Desired direction में Subordinates के कार्य को निर्देशित और प्रभावित करता है।


(Communications) संचार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक सूचना के अनुभव, राय आदि को पारित करने की प्रक्रिया है। यह समझ का एक पुल है।


controlling -नियंत्रित करना। 

(controlling ) इसका मतलब है कि संगठनात्मक लक्ष्यों की उपलब्धि को हमेशा सुनिश्चित करना। controlling को नियंत्रित करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब कुछ standards के According हो।
" Koontz और O’Donnell के अनुसार, controlling व्यापार के उद्देश्यों और योजनाओं को पूरा और सुनिश्चित करने लिए और Subordinates के प्रदर्शन और Activities की measurement और सुधार को नियंत्रित करना होता है ”। इसलिए नियंत्रण के निम्नलिखित चरण हैं:

  • मानक प्रदर्शन की स्थापना -Standard display setting
  • वास्तविक प्रदर्शन का मापन-Measurement of actual performance
  • standards Process के साथ Original performance की तुलना करना और यदि कोई सुधारात्मक कार्रवाई हो तो Problem का पता लगाना होता है।

प्रबंधन क्या है? -What is Management in Hindi?

February 28, 2020
प्रबंधन क्या है? -What is Management in Hindi?

 प्रबंधन क्या है? -What is Management in Hindi?


Management का अर्थ है - उपलब्ध संसाधनों का Efficiently तथा Effective तरीके से उपयोग करते हुए लोगों के कार्यों में Coordination करना ताकि लक्ष्यों की प्राप्ति को सुनिश्चित की जा सके। 

प्रबन्धन के अन्तर्गत आयोजन (planning), संगठन-निर्माण (organizing), स्टाफिंग (staffing), का नेतृत्व करना (leading या directing), तथा संगठन अथवा पहल का नियंत्रण करना आदि आते हैं। 

संगठन भले ही बड़ा हो या छोटा, लाभ के लिए हो अथवा गैर-लाभ वाला, सेवा प्रदान करता हो अथवा manufacturer, प्रबंध सभी के लिए आवश्यक है। प्रबंध इसलिए आवश्यक है कि व्यक्ति सामूहिक उद्देश्यों की पूर्ति में अपना श्रेष्ठतम योगदान दे सकें। प्रबंध में पारस्परिक रूप से संबंधित वह कार्य सम्मिलित हैं


Theoretical उद्देश्यों के लिए प्रबंधन के कार्य को अलग करना सुविधाजनक हो सकता है लेकिन व्यावहारिक रूप से ये फ़ंक्शन एक दूसरे में Mixed होते हैं और प्रत्येक काम अन्य के  काम का प्रदर्शन को प्रभावित करता है।

प्रबंध उद्देश्य।

जैसा की हमने ऊपर में बताया है की किसी भी संगठन के कुछ मुख्य उद्देश्य होते हैं जिनके कारण उसका अस्तित्व है। 

यह उद्देश्य सरल एवं स्पष्ट होने चाहिएँ। प्रत्येक संगठन के उद्देश्य भिन्न होते हैं। उदाहरण के लिए एक फुटकर दुकान का उद्देश्य बिक्री बढ़ाना हो सकता है लेकिन ‘Society of India’ का उद्देश्य विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा प्रदान करना है।
 प्रबंध संगठन के विभिन्न लोगों के प्रयत्नों और उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रबंध सबको एक सूत्र में बाँधता है।

प्रबंध सर्वव्यापी है- Management is universal. 

 संगठन चाहे आर्थिक हो या सामाजिक या फिर राजनैतिक, प्रबंध की क्रियाएँ सभी में समान हैं। एक पेट्रोल पंप के प्रबंध की भी उतनी ही आवश्यकता है जितनी की एक अस्पताल अथवा एक विद्यालय की है। 

भारत में प्रबंधकों का जो कार्य है वह यू- एस- ए-, जर्मनी अथवा जापान में भी होगा भले ही उनके करने तरीका अलग होगा। यह भिन्नता भी उनकी संस्कृति, रीति-रिवाज एवं इतिहास की अंतर के कारण हो सकती है।


प्रबंध एक सामूहिक क्रिया है- Management is a collective action.

संगठन भिन्न-भिन्न आवश्यकता वाले अलग- अलग प्रकार के लोगों का समूह होता है। समूह का प्रत्येक व्यक्ति संगठन में किसी न किसी अलग उद्देश्य को लेकर सम्मिलित होता है लेकिन संगठन के सदस्य के रूप में वह संगठन के समान उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कार्य करते हैं।

 इसके लिए एक टीम के रूप में कार्य करना होता है एवं व्यक्तिगत प्रयत्नों में समान दिशा में समन्वय की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही आवश्यकताओं एवं अवसरों में परिवर्तन के अनुसार प्रबंध सदस्यों को बढ़ने एवं उनके विकास को संभव बनाता है। 


प्रबंध कुछ उद्देश्यों को पूरा करने के लिए कार्य करता है। उद्देश्य किसी भी क्रिया के अपेक्षित परिणाम होते हैं। इन्हें व्यवसाय के मूल प्रयोजन से प्राप्त किया जाना चाहिए।

 किसी भी संगठन के भिन्न-भिन्न उद्देश्य होते हैं तथा प्रबंध को इन सभी उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से एवं दक्षता से पाना होता है। उद्देश्यों को संगठनात्मक उद्देश्य, सामाजिक उद्देश्य एवं व्यक्तिगत उद्देश्यों में वर्गीकृत किया जा सकता है।

संगठनात्मक उद्देश्य-Organizational objectives

प्रबंध किसी भी संगठन उद्देश्यों के निर्धारण एवं उनको पूरा करने के लिए उत्तरदायी होता है। इसे सभी क्षेत्रें के अनेक प्रकार के उद्देश्यों को प्राप्त करना होता है तथा सभी हितार्थियों जैसे-अंशधारी, कर्मचारी, ग्राहक, सरकार आदि के हितों को ध्यान में रखना होता है। 

किसी भी संगठन का मुख्य उद्देश्य मानव एवं भौतिक संसाधनों के अधिकतम संभव लाभ के लिए उपयोग होना चाहिए। जिसका तात्पर्य है व्यवसाय के आर्थिक उद्देश्यों को पूरा करना। ये उद्देश्य हैं- अपने आपको जीवित रखना, लाभ अर्जित करना एवं बढ़ोतरी करना ।




प्रबंधन के लाभ-Management benefits


व्यवसाय के लिए इसका बने रहना ही पर्याप्त नहीं है। प्रबंध को यह सुनिश्चित करना होता है कि संगठन लाभ कमाए। लाभ उद्यम के निरंतर सफल परिचालन के लिए एक महत्त्वपूर्ण प्रोत्साहन का कार्य करता है। लाभ व्यवसाय की लागत एवं जोखिमों को पूरा करने के लिए आवश्यक होता है।




व्यक्तिगत उद्देश्य-Personal purpose



संगठन उन लोगों से मिलकर बनता है जिनसे उनका व्यक्तित्व, पृष्ठभूमि, अनुभव एवं उद्देश्य अलग-अलग होते हैं। ये सभी अपनी विविध आवश्यकताओं को संतुष्टि हेतु संगठन का अंग बनते हैं।

 यह प्रतियोगी वेतन एवं अन्य लाभ जैसी वित्तीय आवश्यकताओं से लेकर साथियों द्वारा मान्यता जैसी सामाजिक आवश्यकताओं एवं व्यक्तिगत बढ़ोतरी एवं विकास जैसी उच्च स्तरीय आवश्यकताओं के रूप में अलग-अलग होती हैं। प्रबंध को संगठन में तालमेल के लिए व्यक्तिगत उद्देश्यों का संगठनात्मक उद्देश्यों के साथ मिलाकर करना होता है।


What is business management? | 10 Golden Rules of business

February 28, 2020

What is business management? | 10 Golden Rules of business



Business Management: वास्तव में किसी व्यवसाय का Plan, Arrangement और Analysis करने के लिए एक Dedicated Dicipline है। जैसे Business में टीम रणनीति और परफॉमेंस का सफलतापूर्वक प्रबंधन करना शामिल होता है। 
Business Management होने के नाते business Administrator के कर्तव्यों को संभालने के लिए प्रमुख जिम्मेदारी लेनी होती है । 

व्यवसाय प्रबंधन एक संगठन चलाने से जुड़ी जिम्मेदारियां हैं। व्यवसाय प्रबंधक एक व्यापक व्यवसाय प्रबंधन टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कोई भी संगठन मजबूत सुसंगत व्यवसाय प्रबंधन के बिना सफल नहीं हो सकता है। व्यवसाय प्रबंधन का अध्ययन करने के लिए बहुत सारे लाभ हैं।

अधिकांश सफल व्यवसाय प्रबंधक हैं जो टीम वर्क के मूल्य को समझते हैं। जब आप व्यवसाय प्रबंधन का अध्ययन करते हैं तो आप सीखते हैं कि मजबूत संबंध कैसे बनाएं और कार्यबल के हर सदस्य के सम्मान को अर्जित करें। 

यहाँ टॉप 10 व्यवसाय प्रबंधन नियम हैं। 


1. Transparency in Business- व्यापार में पारदर्शिता


व्यवसाय प्रबंधन के उद्देश्य के लिए पारदर्शिता के कई confusion भी हैं। 

पारदर्शिता एक ऐसा व्यक्ति है जो सबसे अच्छे तरीके से अपने द्वारा किए जाने वाले कार्यों के बारे में खुद के साथ ईमानदार है। 

कर्मचारी और प्रशासक सुरक्षित रूप से गलतियों को स्वीकार कर सकते हैं और समस्याओं और चुनौतियों का खुलकर समाधान कर सकते हैं। 

सच्चा खुला संपर्क है। यदि एक इंजीनियर उत्पाद की गुणवत्ता के बारे में चिंतित है, उदाहरण के लिए, व्यक्ति को सुनने का मौका दिया जाता है और या तो समस्या को हल किया जाता है।



2 . Consistency- संगति। 


प्रबंधन के साथ एक सफल व्यवसाय चलाना मुश्किल हो सकता है, लेकिन यदि आप अपने सभी दैनिक कार्य पर स्थिरता से ध्यान केंद्रित करते हैं, तो आपको मुश्कील नहीं होगी और आप सफल होंगे।


अपने व्यवसाय में स्थिरता से ध्यान केंद्रित करके, सुनिश्चित करें कि आपके ग्राहक और आप कौन हैं, आपका ध्यान क्या है, और आपके उत्पाद या सेवाएं उनकी कैसे मदद कर सकती हैं।

आप एक Professional Businessman के रूप में आपने वर्षों से व्यवसाय प्रबंधन के लिए कई सुझाव सुने होंगे, चाहे आपके व्यवसाय के सहयोगियों से, या सम्मेलनों में भाग लेने पे, या किताबें में आप पढ़े होंगे।


लेखक जेरेमी बार्कर लिखते हैं कि कोई भी व्यवसाय अपने लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर सकता है यदि वह अपनी रणनीति, योजना और Performance के According नहीं है।उन्होंने यह भी कहा है कि सफल Entrepreneurs के लिए इस तरह के Relevant गुणवत्ता मानक स्थापित करना बहुत मुश्किल हो सकता है, लेकिन ये व्यापार करने का एक तरीका है।



Two pillars of consistency- संगति के दो स्तंभ।


  1. Clear message-संदेश साफ़ करें
  2. Accountability-जवाबदेही

3. Clear message-संदेश साफ़ करें

आपके रेडियो विज्ञापनों और सोशल मीडिया खातों से लेकर आपकी प्रिंट सामग्री और लोगो तक - जहाँ भी आप उस संबंध में अपने ब्रांड का उल्लेख करते हैं - सभी को एक ही संदेश का प्रचार करना चाहिए और एक ही कहानी सुनानी चाहिए।जिन चीजों की हम पेशकश कर सकते हैं, उनमें से एक है आपके संदेश को सरल रखना, उसे स्पष्ट रखना और उसे यादगार बनाना। याद रखे की Incompatible message आपके ग्राहकों और Potential customers को भ्रमित करते हैं। 

यदि आप जवाबदेही, स्थिरता और स्पष्ट संदेश पर ध्यान केंद्रित करने के लिए समय लेते हैं। 
enquiry से पता चलता है कि उपभोक्ता उन ब्रांडों पर भरोसा करते हैं जिन्हें वे पहचानते हैं, यही वजह है कि आपके संदेश में स्थिरता आपके व्यवसाय को बना या तोड़ सकती है।

हम जानते हैं कि आपका लक्ष्य एक सफल व्यवसाय का प्रबंधन करना है, इसलिए हमें उम्मीद है कि इन सुझावों से आपको अपने व्यापार प्रबंधन में स्थिरता सुनिश्चित करने के बारे में कुछ जानकारी मिलेगी। 

ये बहुत महत्वपूर्ण व्यवसाय प्रबंधन युक्तियाँ हो सकती हैं जिनका आपको पालन करना चाहिए। एक व्यवसाय के रूप में, Communications में स्थिरता महत्वपूर्ण है।

4. Accountability- जवाबदेही।

चाहे आप किसी उत्पाद / सेवा या कर्मचारी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हों लेकिन आपको अपने व्यवसाय में निरंतरता सुनिश्चित करना बहुत महत्वपूर्ण हैं।कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस प्रकार का व्यवसाय चलाते हैं, आपके संगठन में जवाबदेही महत्वपूर्ण है। संगठन में जवाबदेही अलग-अलग चेहरे ले सकते हैं।


आपकी बिक्री टीम को उचित बिक्री फ़नल के माध्यम से सही और सुसंगत संभावित ग्राहकों को प्रशिक्षित करना चाहिए।

यदि आप किसी उत्पाद का उत्पादन कर रहे हैं, तो उसे समय-समय पर उत्पादित किया जाना चाहिए।


एक व्यवसाय के मालिक के रूप में, आपको Team सेट करना और ज़िम्मेदारी में स्थिरता पर ज़ोर देना होगा ।

नियमित बैठकों के आयोजन कर सकते हैं जहां आपका कर्मचारी आपके साथ Report करता हो और आपको business के बारे में अपडेट मिलता हो ।

अपने वास्तविक उत्पादों और सेवाओं के लिए, आपको समय-समय पर quality control परीक्षण करना चाहिए और अपने conclusion के आधार पर प्रतिक्रिया और मार्गदर्शन देना चाहिए।

स्वामी के रूप में, आपको अपने संचार और प्रतिक्रियाओं को दोबारा जांचने के लिए रिमाइंडर भी सेट करना चाहिए, ताकि आप जागरूक हों और नियमित रूप से प्रस्ताव दें।


5. Make work fun for people: लोगों के लिए मज़ेदार काम करें।

काम में अधिक मज़ा करने के सरल तरीके। आप dress code या कड़े आचार संहिता जैसे कड़े नियम लागू न करें।आपके कर्मचारियों को आपके नेतृत्व में अपने काम का आनंद लेने में सक्षम होना चाहिए।

अपने कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करें और उन्हें आराम करने दें। काम और मस्ती जैसे शब्दों का विरोध नहीं होना चाहिए। लेकिन कई लोगों के लिए वे हैं।"आप अपने जीवन में जो कुछ भी आनंद लेते हैं, आप स्वाभाविक रूप से एक बेहतर काम करने जा रहे हैं और अपने आप को और अधिक दें, इसलिए अपनी नौकरी को कुछ जिम्मेदार बनाने के बजाय, यह महत्वपूर्ण है कि आप आगे देखें।"

आप अपने जीवन और अपने बिजनेस के कर्मचारी जीवन से जितना जुड़ेंगे उतना आप खुश रहेंगे और आपके कर्मचारी भी खुश रहेंगे।
Use different approaches for different people- अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करें।

विभिन्न लोगों के साथ काम करते समय आपको एक अलग रणनीति विकसित करनी चाहिए।

                   

6. Set team goals: टीम के लक्ष्य निर्धारित करें।

अपने काम का लक्ष्य निर्धारित करना सबसे महत्वपूर्ण है। हालाँकि लक्ष्य-निर्धारण केवल अपने लिए नहीं बल्कि अपनी लक्ष्य को अपने team के सभी सदश्यो के साथ रखना और उसे सही दिशा देना बहुत महत्वपूर्ण हैं। 

2001 की अपनी पुस्तक में, स्ट्रेटेजी-फ़ोकस ऑर्गेनाइज़ेशन, रॉबर्ट कैपलान और डेविड नॉर्टन ने बताया कि: आज के केवल 7 प्रतिशत कर्मचारी अपनी कंपनी के लक्ष्यों को जान पते है और लक्ष्छ को प्राप्त करने के व्यवसाय प्रबंधन रणनीति को पूरी तरह से समझ पते हैं। 

पिछले 10-12 वर्षों में आँकड़ों में बहुत सुधार हुआ है।

टीम लक्ष्य निर्धारित करने के लाभ:


कंपनी को अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करने के अलावा, अपने कर्मचारियों के साथ टीम के लक्ष्यों को शेयर करना company उत्पादकता को बढ़ाता है और यह सुनिश्चित करे कि आपकी टीम का प्रत्येक सदस्य समग्र रणनीति में उनकी भूमिका को समझता है, हैरानी की बात है, यह समय बचा सकता है और दक्षता में सुधार कर सकता है। टीम के लक्ष्य निर्धारित करना भी संगठनों को निम्नलिखित लाभ प्रदान करता है: 

टीम के लक्ष्य निर्धारित करना चीजें खुली रखता है और सभी को एक ही पृष्ठ पर भरोसा दिलाता है। 

टीम के लक्ष्य प्रदान करने का मतलब है कि लोगों की अपनी जिम्मेदारियां हैं।

प्रेरणा स्त्रोत:- Source of Inspiration:
कर्मचारियों को व्यापक संगठनात्मक लक्ष्यों के संदर्भ में पाश में रखने का मतलब है कि लोग जो कुछ भी कर रहे हैं उसके व्यापक उद्देश्य को समझते हैं।यह प्रेरणा के स्तर को बढ़ाता है और लोगों को अधिक प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

Cooperation : सहयोग


एक व्यक्ति की सफलता प्रत्येक व्यक्ति की सफलता है, टीम के लक्ष्यों में व्यक्तिगत लक्ष्यों को मिलाने होता है होता है।   कर्मचारी किसी भी मुद्दे के साथ अपने सहयोगियों की सक्रिय रूप से सहायता करेंगे और अधिक क्रूर प्रतिस्पर्धी मानसिकता प्राप्त करने के लिए सहयोगात्मक रूप से काम करेंगे।


प्रभावी टीम लक्ष्यों के उदाहरण: Examples of effective team traits: 



टीम के लक्ष्य निर्धारित करने के कुछ उदाहरण यहां दिए गए हैं, भले ही आपके पास किस प्रकार की टीम हो: 

कार्य प्रदर्शन बढ़ाएँ। Increase performance. 

किसी भी टीम के लिए पहला प्राथमिकता अपना लक्ष्य होता है । 

इसे प्राप्त करने के लिए  पहला कदम आपका संगठन में आपके काम की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले विभिन्न तत्वों की पहचानकीजिए। 

इसके बाद, टीम एक साथ मिलकर एक इकाई के रूप में हल करने के लिए एक विशेष समस्या का चयन कीजिए।

7. परियोजनाओं को समय पर पूरा करें: Complete projects on time:

मुख्य लक्ष्यों में से एक जिसे प्रत्येक टीम को कब्जा करने की आवश्यकता है, परियोजनाओं के लंबित होने से पहले इसे समाप्त करना है। कई काम  हैं जो टीमों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं, जिनमें से एक देरी है। नतीजन, पूरी प्रक्रिया बहुत प्रभावित होती है, जो तनाव और दबाव के आधार पर टीम का सामना कर रही है।यही कारण है कि उचित समय प्रबंधन का अभ्यास करना महत्वपूर्ण है।

8. रिश्तों को मजबूत करें: Strengthen relationships:

सदस्यों के बीच किसी भी तनाव से हटाने  लिए गतिविधियों का आयोजन करना चाहिए, और सभी को एक-दूसरे के साथ सहज महसूस करना चाहिए। 

यह न केवल टीम को सामंजस्यपूर्ण तरीके से काम करने की अनुमति देगा, बल्कि यह आपको प्रत्येक सदस्य की ताकत और कमजोरियों को निर्धारित करने में भी मददकरेगा।  . 

ओपन कम्युनिकेशन को हमेशा तत्काल आधार पर गलतफहमी को दूर करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।


9.  एक अच्छे श्रोता बनो- Be a good listener

Listening skills हमारे सामने दो कान और एक मुंह की व्यावसायिक सफलता के लिए महत्वपूर्ण है ताकि हम जितना बोलते हैं उससे दोगुना सुन सकें।

यहां तीन सबसे महत्वपूर्ण कारण हैं कि एक अच्छा श्रोता होना एक अच्छा व्यवसाय प्रबंधन नेता होने के लिए महत्वपूर्ण है।

अच्छे व्यापारी दूसरों के कौशल का नेतृत्व करते है। 
सुनना वार्तालाप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, आज के कारोबारी माहौल में विशेषज्ञता के कई क्षेत्र मौजूद हैं, 
और स्मार्ट पेशेवर यह स्वीकार करते हैं कि वे सब कुछ नहीं जानते हैं।संगठन में श्रवण टीम वर्क को बढ़ावा देते हैं:

क्योंकि परियोजना प्रबंधन, परिचालन प्रबंधन और रणनीतिक योजना में विभिन्न कौशल और कौशल की आवश्यकता होती है।व्यापार में सबसे कठिन और महत्वपूर्ण कार्य आज प्रतिभाशाली व्यक्तियों की टीमों पर है।

इससे जीत होती है: कर्मचारी व्यस्त महसूस करते हैं, और कंपनी उत्पादकता बढ़ाती है।समस्या और उसके समाधान सुनने पर निर्भर करता है:नेताओं और प्रशासकों के काम में हमेशा समस्या-समाधान शामिल होता है।

संगठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक है और विकास रणनीतियों को डिजाइन और निष्पादित करते समय अक्सर आवश्यक होता है।

व्यापार में क्यों सुनना महत्वपूर्ण है? इसका उत्तर एक सरल सत्य में है: व्यावसायिक कंपनियां व्यावसायिक कंपनियां नहीं हैं, इसके लोग लोगों के साथ व्यापार करते हैं।


10 . Reward employees for work: काम के लिए कर्मचारियों को पुरस्कृत करें।


इनाम अच्छी नौकरी के प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए सबसे मजबूत तरीका है। अच्छा काम दोहराया नहीं जाएगा और कर्मचारी ग्राहकों को परेशान कर सकते हैं जब प्रबंधक ग्राहक के अनुभव को पूरा करने या उससे अधिक काम करने के लिए उन्हें अनुमोदित, प्रोत्साहित और पुरस्कृत नहीं करते हैं।लेकिन इस प्रकार के पुरस्कारों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाना चाहिए।इस वास्तविक उदाहरण पर विचार करें कि राज्य सरकार की एजेंसी के कई कर्मचारी सभी मौसम की स्थिति में बाहर काम करते हैं।


इन कर्मचारियों को यह दिखाने के लिए कि उनके काम को आपके नियोक्ता द्वारा सराहा गया है।
एक अतिक्रमण करने वाले अधिकारियों को एक गर्मियों में अपने कार्यस्थल पर एक ठंडा सोडा लेना चाहिए और उन्हें बताना चाहिए कि उनका काम महत्वपूर्ण और सराहना दोनों है। संगठन में प्रत्येक वर्ष काम करने के कारण, महत्वपूर्ण कार्य करने के लिए प्रशंसा की इस अभिव्यक्ति को महीने प्रबंधन अभ्यास के स्वाद के एक और उदाहरण के रूप में देखा गया था।

आम तौर पर पुरस्कार का उपयोग तब किया जाता है जब प्रबंधक ग्राहकों की अपेक्षाओं को पूरा करने वाले या उससे अधिक कर्मचारियों के काम के प्रदर्शन को दोहराना चाहते हैं।

इनाम एक ऐसा परिणाम है जो कर्मचारियों की नौकरी के प्रदर्शन के बाद होता है और यह प्रभाव अक्सर होता है।इस पर निर्भर करता है कि क्या परिणाम एक इनाम के रूप में कार्य करता है।
दूसरी ओर, यदि नौकरी का प्रदर्शन अधिक बार नहीं होता है, तो परिणाम नहीं था।

कर्मचारियों को उनकी अच्छी नौकरी के प्रदर्शन के लिए मुआवजा देना जो ग्राहकों की अपेक्षाओं को पूरा करता है कर्मचारी की नौकरी के प्रदर्शन में सुधार

कर्मचारियों को अनुशासित करने की आवश्यकता कम हो जाती है क्योंकि कर्मचारी का कार्य प्रदर्शन अक्सर ग्राहकों की अपेक्षाओं को पूरा करता है।

यहां तक ​​कि जब एक प्रबंधक मौजूद नहीं होता है, तो कर्मचारियों को नौकरी के प्रदर्शन के माध्यम से ग्राहकों की अपेक्षाओं को पूरा करने की संभावना होती है।कर्मचारी के प्रदर्शन को पुरस्कृत करने के कई तरीके हैं। कुछ में वित्तीय लागतें शामिल हैं, जैसे कि उपहार प्रमाण पत्र।

यह लेख पाँच प्रकार के मुफ्त पुरस्कारों तक सीमित है:

प्रशंसा: कर्मचारी को धन्यवाद कहना या प्रशंसा व्यक्त करना।

उदाहरण: मैं बहुत जल्दी आपकी सराहना करता हूं।

कर्मचारी को पुरस्कृत करने के बजाय किसी शीर्ष कर्मचारी, पद या अधिकार वाले व्यक्ति से पूछें।

उदाहरण: प्रबंधक अपने उपाध्यक्ष को कर्मचारी की प्रशंसा करने के लिए कहता है।
शारीरिक अभिव्यक्तियाँ: हाथ के इशारे या चेहरे के भाव का अर्थ है अनुमोदन।
उदाहरण: मुस्कान, अंगूठा, अंगूठे और तर्जनी के साथ एक चक्र।

प्रशंसा: कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन की सराहना करना

उदाहरण: शानदार! शानदार नौकरी! उत्कृष्ट कार्य!

पसंदीदा कार्य असाइनमेंट: कर्मचारी प्रदर्शन करना चुनता है।

उदाहरण: निर्णय लेने की अधिक स्वतंत्रता, विभिन्न प्रकार के असाइनमेंट।

कर्मचारी की नौकरी का प्रदर्शन उस आवृत्ति को नहीं बढ़ाता है जो ग्राहकों की अपेक्षाओं को पूरा करता है जब परिणाम प्रबंधक पुरस्कार के रूप में उपयोग करते हैं।

परिणाम का उपयोग कैसे किया जाता है यह एक इनाम के रूप में इसकी प्रभावशीलता निर्धारित करता है। किसी कर्मचारी के कार्य प्रदर्शन को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तीन नियम हैं।

यदि-तब नियम

यदि किसी कर्मचारी की नौकरी का प्रदर्शन ग्राहकों की अपेक्षाओं को पूरा करता है या उससे अधिक है, तो कर्मचारी को पुरस्कृत करें।

दूसरी ओर, यदि किसी कर्मचारी का कार्य प्रदर्शन ग्राहकों की अपेक्षाओं को पूरा नहीं करता है, तो कर्मचारी को पुरस्कृत न करें।

त्वरित नियम:

नौकरी के प्रदर्शन पर एक वापसी जो व्यावहारिक काम करते ही ग्राहकों की अपेक्षाओं को पूरा करती है।


विविधता का नियम:

नौकरी के प्रदर्शन के लिए एक कर्मचारी को पुरस्कृत करने के लिए जो आप करते हैं उसके बदलें कर्मचारी ग्राहक की अपेक्षाओं को पूरा करता है।
विभिन्न प्रकार के पुरस्कारों का उपयोग किसी भी पुरस्कार को अत्यधिक उपयोग के कारण उनकी प्रभावशीलता को खोने से रोकता है। 

ये नौकरी के प्रदर्शन की तैयारी और प्रभावी ढंग से पुरस्कृत करने के लिए कदम हैं 

11. Encourage people to speak: लोगों को बोलने के लिए प्रोत्साहित करें।


आपको अपनी टीम को संगठनों में स्वतंत्र रूप से बोलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। 
जब लगभग हर कंपनी अपने कर्मचारियों द्वारा स्वतंत्र रूप से बोलने और बोलने की कोशिश करती है, तो उनमें से ज्यादातर असफल हो जाते हैं।

या तो संगठन में खुलकर बोलने के लिए हतोत्साहित महसूस करते हैं या समझते हैं कि उनका प्रयास बेकार होंगे।इस तरह के कई प्रयास संगठन में पदानुक्रम को कम करने और संचार में सुधार करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। 


लेकिन वे आम तौर पर दो मुख्य कारणों से अच्छे इरादों से कम हो जाते हैं: 
परिणामों का डर (भ्रम, अकेलापन, कम-प्रदर्शन रेटिंग, खोया हुआ Promotion और व्यर्थता की भावना (यह मानते हुए कि कुछ कहना रास्ते में नहीं मिलेगा)। 


जानिए, क्यों शांत रहती है आपकी टीम: 


ऐसे कई कारण हैं कि कर्मचारी अपनी चिंता, भय और व्यर्थता को व्यक्त करने में विफल रहते हैं। 
जब आपको लगता है कि आप अपनी टीम को बोलने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, तो आप वास्तव में विपरीत कर रहे हैं और खुलकर मुद्दों पर चर्चा करने से डरते हैं। समस्या का एक हिस्सा अनाम प्रतिक्रिया पर निर्भर है। 

इस नीति में कई मुद्दे हैं: अनाम प्रतिक्रिया को प्रोत्साहित करना स्पष्ट रूप से बताता है कि सार्वजनिक रूप से मुद्दों को उठाना सुरक्षित नहीं है।

अनाम टिप्पणियों की सामग्री पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, अक्सर यह देखने लायक होता है कि यह टिप्पणी कौन कर सकता है या करेगा। इस माहौल में, लोग आपको अपरिवर्तित सच्चाई बताने के लिए तैयार नहीं होंगे। 

खुले संचार का दूसरा दुश्मन व्यर्थता है, लोग सोचते हैं कि इससे केवल मुद्दों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यही कारण है कि इसे परेशान करने वाले रवैये के रूप में जाना जाता है। यदि आपकी टीम के सदस्य चिंता जताते हैं, लेकिन आप उन्हें अपने सर्वश्रेष्ठ के साथ नोटिस करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें लगता है कि उन्होंने अपना समय बर्बाद किया है। 


अधिक Vocal cultureकैसे बनाएं:


नियमित रूप से और आकस्मिक आदान-प्रदान करें: 

अपनी टीम के साथ नियमित रूप से वन-टू-वन मीटिंग शेड्यूल करने का प्रयास करें, जिससे यह तब भी विशेष हो जब उनके पास साझा करने के लिए कुछ हो और यह आपके व्यवसाय के विकास में सहायक हो।

संगठनों में शक्ति संकेत नरम करें: 

गर्म प्रतिक्रिया पाने के लिए, आपको एक शक्ति संबंध बनाना चाहिए। 
अपने कर्मचारी को अपने कार्यालयों में पूछने के बजाय उनसे बात करने के लिए अपने कर्मचारी से मिलें। 
अपने डेस्क से बैठने की बजाय एक टेबल पर उनके साथ बैठें। 
अपने कर्मचारियों के साथ दोपहर के भोजन या पेय में शामिल हों। कुंजी अधीनस्थों के बजाय सहकर्मियों की तरह अपनी टीम के साथ संवाद करने के लिए है।

पारदर्शी रहें: 

क्या आप बिना बात के व्यवसाय चलाने की कल्पना कर सकते हैं? यदि हाँ, तो आपके पास गंभीर प्रदर्शन के मुद्दे हो सकते हैं जो आपकी कंपनी की जेब से पैसा निकालेंगे। 
इसलिए यह विचार करना महत्वपूर्ण है कि संचार आपके व्यवसाय प्रबंधन के सभी पहलुओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

यहां कुछ कारण दिए गए हैं कि प्रभावी संचार आपकी कंपनी का दिल क्यों होना चाहिए और आपको अपने भविष्य के विकास के लिए इसे कैसे सुधारना चाहिए।


संचार का महत्व:


आप जैसे व्यवसाय के मालिकों को कंपनी चलाते समय संचार पर ध्यान देना चाहिए। 
अंत में, उत्कृष्ट संचार के बिना उत्पादों या सेवाओं की बिक्री और वितरण एक बड़ी समस्या हो सकती है। 
इसके बावजूद कि यह कैसे हुआ, इसके कई कारण हैं, जिनके कारण आपको संगठन में सहानुभूति रखनी पड़ सकती है: 

एक अच्छी टीम बनाएं: 

टीम के नेता जो अच्छे संचारक हो जो आपके कर्मचारियों को आपके सामान्य लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित कर सके। 

खुले संचार के साथ, मौखिक रूप से और लिखित रूप में, टीम के कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारियों को जानते हैं और किसी भी चीज़ के लिए मदद कब लेनी है ये सब पता  उनको । 
इसके अलावा, पेशेवर और सम्मानपूर्वक संवाद करने से काम पर एक मजबूत सकारात्मक वातावरण का विकास हो सकता है। 
जब टीमों को एक दूसरे के बारे में पता होना शुरू होता है, तो वे सकारात्मक टीम मनोबल का निर्माण कर सकते हैं जो कंपनियों की उत्पादकता के लिए अच्छा है। 


प्रभावी संचार के साथ, कार्यस्थल में लोग एक-दूसरे से बात करने में अधिक आत्मविश्वास महसूस करते हैं, प्रबंधन को प्रदर्शन के बारे में अपने विचार व्यक्त करने का मौका देते हैं। 
आपको याद रखना चाहिए कि संपर्क प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण है। यह एक दो-तरफा प्रक्रिया हो सकती है जहां शीर्ष प्रबंधन कर्मचारियों को उनके प्रदर्शन के बारे में जवाब देता है। और कर्मचारी भी इस बात के मामले में अच्छे हैं कि कंपनियां नीतियों का प्रदर्शन कैसे कर रही हैं। 
आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि संचार हमेशा प्रभावी होने के लिए दोनों तरीकों से काम करना चाहिए।


ग्राहक संबंध बढ़ाएँ:


आपका व्यवसाय ग्राहकों के बिना सफल नहीं होता है और उनके साथ प्रभावी ढंग से संवाद करना भी व्यवसाय में ग्राहक को वफादार बनाने का एक आवश्यक तरीका है। चाहे आप बाजार में उत्पादों और सेवाओं को बेचते हैं या वितरित करते हैं, आपको सुनना होगा। ग्राहकों की जरूरतों को समझें और उनके सवालों के जवाब देकर उत्कृष्ट ग्राहक सेवा प्रदान करें। 


उनके साथ संवाद करते समय, व्यक्ति को चौकस, विनम्र और त्वरित होना चाहिए। जो हमें नियमों को लागू करने में मदद करता है: प्रत्येक कंपनी की नीतियों और नियमों का एक समूह होता है जिसे पूरे संगठन को सफल होने के लिए पालन करना चाहिए। चाहे वह किसी कार्य को करने की विशिष्ट प्रक्रिया हो या अस्पष्ट प्रदर्शन का परिणाम। 

आपको अपने कर्मचारियों के लिए हमेशा इन बातों को स्पष्ट करना चाहिए और ऐसा करने के लिए आपको मजबूत संचार कौशल विकसित करने की आवश्यकता है। 



वार्तालाप-अनुकूल कार्यस्थल बनाएं:


व्यवसाय के अनुकूल कार्य स्थान बनाने के लिए एक व्यवसाय के स्वामी के रूप में आपकी जिम्मेदारी। 
इस तरह, आपके पास अपने संगठन के लिए संचार का एक स्पष्ट और सुसंगत प्रवाह होगा। 
सबसे पहले, अपने कर्मचारियों से प्रश्न पूछें, विचारों को चुनौती देकर और अपनी भावनाओं को संप्रेषित करके एक उदाहरण निर्धारित करें। 


दूसरा, अपनी टीम के साथ संबंध बनाकर सामाजिक संपर्क को प्रोत्साहित करें। 
तीसरा, अपने कर्मचारियों को जब भी आपकी आवश्यकता हो, उन्हें याद दिलाकर अपना दरवाजा हमेशा खुला रखें। 
आमने-सामने बातचीत करें: 
यदि आपको बॉडी लैंग्वेज या आवाज में बदलाव आता है, तो आप बेहतर तरीके से समझ सकते हैं कि दूसरा व्यक्ति किस तरह से सोचता और महसूस करता है। 

यदि आप अपना खुद का व्यवसाय चला रहे हैं, तो आप अपने कर्मचारियों के साथ नियमित बैठक की व्यवस्था कर सकते हैं। 


उचित संचार साधनों का उपयोग करें:

आमने-सामने संचार के अलावा, आपकी कंपनी के भीतर संचार को बेहतर बनाने के लिए कई प्रकार के उपकरणों का उपयोग करना भी महत्वपूर्ण है। 
अपनी टीम के लिए एक बेहतर उदाहरण सेट करने के लिए: 
आपके संगठन के नेता या कम से कम कर्मचारियों के सबसेट के रूप में, आप एक उदाहरण सेट कर दे। 
संगठन में आपके कार्यकर्ता आपकी आदतों, आपकी पसंद, यहां तक ​​कि आपके स्वभाव को भी करीब से देखे ऐसा आपको करना होगा। 

भले ही वे सचेत रूप से इसे महसूस न कर सकें, लेकिन वे अपने काम में उन विशेषताओं को अपनाना शुरू कर देंगे। जाहिर है, आप अपने श्रमिकों को सर्वोत्तम मानक देना चाहते हैं, लेकिन अपनी खुद की आदतों को बदलना कठिन है। 

सौभाग्य से, कुछ मुट्ठी भर रणनीतियाँ हैं जिनका उपयोग आप अपनी टीम के लिए एक बेहतर leader बनने के लिए कर सकते हैं।



सभी का सम्मान करें:


आपको सभी का सम्मान करने की आवश्यकता है - और ध्यान दें कि मैंने यह नहीं कहा कि अपने कर्मचारियों का सम्मान करें। यह कहे बिना जाना चाहिए, लेकिन अपने कार्यों के प्रति संज्ञान में रहना अच्छा है। 



अपने स्वयं के नियमों का पालन करें:


leader के रूप में, आप बहुत सारे नियम बनाने जा रहे हैं, आपके कर्मचारियों को किस समय से कार्यालय में ईमेल भेजने और प्रस्तुत करने की आवश्यकता है। 
संगठन में एक नेता के रूप में आप सबसे खराब चीजों में से एक नियम बना रहे हैं और फिर इसे आपके द्वारा तोड़ सकते हैं। 

इस तरह का एक उल्लंघन यह प्रदर्शित करेगा कि या तो आपके नियम महत्वपूर्ण नहीं हैं या आप खुद को टीम से ऊपर देखते हैं।

शान्ति बनाये रखें:

यह हमेशा आसान नहीं होता है, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किन परिस्थितियों का सामना करते हैं, आपको यथासंभव लंबे समय तक शांत रहने की आवश्यकता है। 

यदि आप गुस्से को खत्म करते हैं या आत्म-ह्रास में टूट जाते हैं, तो आपके श्रमिकों की स्थिति के बारे में व्यापक दृष्टिकोण होगा। जब वे अपनी भूमिकाओं में चुनौतियों का सामना करते हैं, तो वे अपना कूल खोने की संभावना रखते हैं। 


दूसरों की सुनो:



यह खुली संचार रणनीति का एक विस्तार है, जिससे आप अपनी बात कहने के लिए दूसरों की बात मान सकते हैं। जब लोग आपके  दिमाग में हों, तब चुप रहें और उन्हें वह ध्यान दें जिसके वे हकदार हैं। 
इससे रचनात्मक, सुनने का माहौल बनेगा और आपके कर्मचारियों को आपके कार्यस्थल के संदर्भ में अधिक सुनाई देगा।


मंजिल पर जाएं:


आपके कर्मचारियों द्वारा एक ही काम करने या कम से कम एक ही वातावरण में रहने के लिए यह एक बोलचाल की अवधि है। जब आप अपने कार्यालय में एक नेता के रूप में बहुत समय बिताते हैं, तो समूह के बाकी सदस्यों से अलग होता है, आप अपनी टीम को यह आभास देते हैं कि आप समान खेल के मैदान में नहीं हैं। 


यह अभी भी आपकी टीम में अविश्वास कर सकता है और समय के साथ नाराजगी पैदा कर सकता है। 
एक समूह के हिस्से के रूप में शामिल होने से, अपने कर्मचारियों को बाहर निकलने और अपनी जिम्मेदारियों के बारे में मदद करके, आप सहयोग और विश्वास के लिए एक अधिक पारस्परिक वातावरण तैयार करेंगे।


पारदर्शी और दृश्यमान बनें।


यद्यपि आप अपने कर्मचारियों के साथ होने वाली प्रत्येक जानकारी को साझा करने में सक्षम नहीं हो सकते हैं, आपको सक्रिय रूप से यथासंभव पारदर्शी और दृश्यमान होने के लिए काम करना चाहिए। 

केवल अपने कर्मचारियों को आदेश न दें: अपने निर्णयों के पीछे के उद्देश्य को स्पष्ट करें। अगर इसमें कुछ बड़ा है, तो उन्हें बताएं उन्हें दिखाएं कि आप क्या करते हैं और आप अपनी जिम्मेदारियों के साथ कैसे आगे बढ़ रहे हैं; ऐसा करने से अधिक विश्वास पैदा होता है। 

यह आपके कर्मचारियों को अपने स्वयं के काम के साथ और अधिक पारदर्शी होने के लिए प्रोत्साहित करेगा। 
यदि आप इन गुणों को अपने काम में अपनाते हैं, तो आप अपनी टीम को उन्हें अपने लिए अपनाना शुरू कर देंगे - बिना किसी प्रत्यक्ष हस्तक्षेप के। 
इसे और बेहतर बनाने के लिए, एक बार जब आपके कार्यकर्ता इन आदतों को अपनाना शुरू कर देंगे, तो वे आत्म-सुदृढ़ हो सकेंगे। 

उन्हें साधारण तथ्य से बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा कि दूसरे ऐसा कर रहे हैं। 

यही कारण है कि कॉर्पोरेट संस्कृति इतनी महत्वपूर्ण है - लेकिन यह सब उन उदाहरणों से शुरू होता है जिन्हें आप leader के रूप में निर्धारित करते हैं। 



निष्कर्ष:

स्पष्ट रूप से, कई कारण हैं जो प्रभावी संचार आपकी कंपनियों की सफलता में योगदान कर सकते हैं।

कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका व्यवसाय कितना बड़ा या छोटा है, निरंतर संचार उत्पादकता, कर्मचारी संतुष्टि और आय पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

यह सुनिश्चित करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें कि आपकी कंपनी को संचार की गुणवत्ता प्राप्त करने की आवश्यकता है जो इसे बढ़ने और सफल होने के लिए आवश्यक है।





 

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